हिंदू धर्म में अमावस्या के ठीक अगले दिन होने वाले चंद्रमा के दर्शन को 'चंद्र दर्शन' कहा जाता है। सनातन धर्म में इस दिन का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। पूरे महीने में अमावस्या के बाद जब पहली बार आकाश में बाल चंद्रमा की पतली सी रेखा दिखाई देती है, तो उसे अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। चंद्र दर्शन के लिए सबसे उत्तम और फलदायी समय सूर्यास्त के ठीक बाद (शाम के समय) का होता है। इस दिन भक्त अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ चंद्र देव की पूजा-अर्चना करते हैं।
चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव की विशेष उपासना करने से मानसिक तनाव दूर होता है, मन स्थिर रहता है और विचारों में सकारात्मकता आती है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर या अशुभ स्थिति में होकर मानसिक अशांति या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दे रहा है, उनके लिए इस दिन व्रत रखना और चंद्र देव को अर्घ्य देना अत्यंत कल्याणकारी और दोषों को शांत करने वाला माना जाता है।
इस पावन दिन पर व्रत और चंद्र देव की साधना करने से जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता का नाश होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। धार्मिक मान्यता है कि पूरी श्रद्धा से चंद्र दर्शन करने और उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सौभाग्य का वास हमेशा बना रहता है।
संपूर्ण पंचांग : 11 सितंबर 2026, शुक्रवार
आज का विशेष व्रत/त्योहार : भाद्रपद शुक्ल प्रतिपदा, चंद्र दर्शन मुहूर्त (चंद्रोदय)
विक्रम संवत : 2083
तिथि : अमावस्या सुबह 08:57 तक, उसके बाद भाद्रपद शुक्ल प्रतिपदा तिथि शुरू
तारीख और दिन : 11 सितंबर 2026, शुक्रवार
नक्षत्र : पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 01:16 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू
पक्ष : कृष्ण पक्ष समाप्त, शुक्ल पक्ष की शुरुआत
शुभ और अशुभ मुहूर्त
सूर्योदय : 05:50 AM
सूर्यास्त : 06:15 PM
अभिजित मुहूर्त (शुभ समय) : सुबह 11:37 AM से दोपहर 12:27 PM तक (कोई भी नया काम शुरू करने के लिए यह सबसे उत्तम समय है)
राहुकाल (अशुभ समय) : सुबह 10:29 AM से दोपहर 12:02 PM तक (इस समय के दौरान किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन या नए कार्य की शुरुआत न करें)
दिशाशूल : पश्चिम 🚫 शुक्रवार के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा वर्जित मानी जाती है
भाग्यशाली अंक और रंग
शुभ रंग : सफेद या गुलाबी
शुभ अंक : 6
दैनिक राशिफल (11 सितंबर 2026)
मेष राशि : आज रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कला, लेखन और साहित्य से जुड़े लोगों को समाज में बड़ा सम्मान या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है।
वृषभ राशि : भूमि या वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं। घर में कोई नया कीमती सामान आने से पारिवारिक सुख-सुविधाओं में विस्तार होगा।
मिथुन राशि : आपके साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे कठिन काम भी आसान हो जाएंगे।
कर्क राशि : आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी और धन संचय करने में सफल रहेंगे। अपनी मधुर वाणी से आप कार्यस्थल पर सभी का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे।
सिंह राशि : मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि होगी। सोचे हुए काम समय पर पूरे होने से मन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
कन्या राशि : किसी जरूरी काम से दूर की यात्रा के योग बन रहे हैं, हालांकि खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय बहुत सोच-समझकर लें।
तुला राशि : आय के नए और अतिरिक्त स्रोत बनेंगे। काफी समय से रुका हुआ पुराना धन वापस मिल सकता है। मित्रों के साथ शाम का समय आनंदपूर्वक बीतेगा।
वृश्चिक राशि : कार्यक्षेत्र और नौकरी में कोई बड़ी जिम्मेदारी या तरक्की मिल सकती है। व्यापार करने वालों के लिए भी आज का दिन बड़ा मुनाफा देने वाला है।
धनु राशि : आज आपका भाग्य पूरी तरह से साथ देगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे आपको गहरी मानसिक शांति का अनुभव होगा।
मकर राशि : अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें। आज वाहन चलाते समय पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी अजनबी व्यक्ति पर आँख बंद करके भरोसा न करें।
कुंभ राशि : वैवाहिक जीवन में खुशहाली और मधुरता बढ़ेगी। यदि आप अपने व्यापार या बिजनेस में कोई नया साझीदार जोड़ना चाहते हैं, तो दिन उत्तम है।
मीन राशि : शत्रुओं और गुप्त विरोधियों पर आपकी विजय निश्चित है। पुराने चल रहे अदालती मामलों या आपसी विवादों में आज राहत मिलने की पूरी संभावना है।
इस पावन दिन पर व्रत और चंद्र देव की साधना करने से जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता का नाश होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। धार्मिक मान्यता है कि पूरी श्रद्धा से चंद्र दर्शन करने और उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सौभाग्य का वास हमेशा बना रहता है।
संपूर्ण पंचांग : 11 सितंबर 2026, शुक्रवार
आज का विशेष व्रत/त्योहार : भाद्रपद शुक्ल प्रतिपदा, चंद्र दर्शन मुहूर्त (चंद्रोदय)
विक्रम संवत : 2083
तिथि : अमावस्या सुबह 08:57 तक, उसके बाद भाद्रपद शुक्ल प्रतिपदा तिथि शुरू
तारीख और दिन : 11 सितंबर 2026, शुक्रवार
नक्षत्र : पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 01:16 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू
पक्ष : कृष्ण पक्ष समाप्त, शुक्ल पक्ष की शुरुआत
शुभ और अशुभ मुहूर्त
सूर्योदय : 05:50 AM
सूर्यास्त : 06:15 PM
अभिजित मुहूर्त (शुभ समय) : सुबह 11:37 AM से दोपहर 12:27 PM तक (कोई भी नया काम शुरू करने के लिए यह सबसे उत्तम समय है)
राहुकाल (अशुभ समय) : सुबह 10:29 AM से दोपहर 12:02 PM तक (इस समय के दौरान किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन या नए कार्य की शुरुआत न करें)
दिशाशूल : पश्चिम 🚫 शुक्रवार के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा वर्जित मानी जाती है
भाग्यशाली अंक और रंग
शुभ रंग : सफेद या गुलाबी
शुभ अंक : 6
दैनिक राशिफल (11 सितंबर 2026)
मेष राशि : आज रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कला, लेखन और साहित्य से जुड़े लोगों को समाज में बड़ा सम्मान या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है।
वृषभ राशि : भूमि या वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं। घर में कोई नया कीमती सामान आने से पारिवारिक सुख-सुविधाओं में विस्तार होगा।
मिथुन राशि : आपके साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे कठिन काम भी आसान हो जाएंगे।
कर्क राशि : आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी और धन संचय करने में सफल रहेंगे। अपनी मधुर वाणी से आप कार्यस्थल पर सभी का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे।
सिंह राशि : मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि होगी। सोचे हुए काम समय पर पूरे होने से मन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
कन्या राशि : किसी जरूरी काम से दूर की यात्रा के योग बन रहे हैं, हालांकि खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय बहुत सोच-समझकर लें।
तुला राशि : आय के नए और अतिरिक्त स्रोत बनेंगे। काफी समय से रुका हुआ पुराना धन वापस मिल सकता है। मित्रों के साथ शाम का समय आनंदपूर्वक बीतेगा।
वृश्चिक राशि : कार्यक्षेत्र और नौकरी में कोई बड़ी जिम्मेदारी या तरक्की मिल सकती है। व्यापार करने वालों के लिए भी आज का दिन बड़ा मुनाफा देने वाला है।
धनु राशि : आज आपका भाग्य पूरी तरह से साथ देगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे आपको गहरी मानसिक शांति का अनुभव होगा।
मकर राशि : अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें। आज वाहन चलाते समय पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी अजनबी व्यक्ति पर आँख बंद करके भरोसा न करें।
कुंभ राशि : वैवाहिक जीवन में खुशहाली और मधुरता बढ़ेगी। यदि आप अपने व्यापार या बिजनेस में कोई नया साझीदार जोड़ना चाहते हैं, तो दिन उत्तम है।
मीन राशि : शत्रुओं और गुप्त विरोधियों पर आपकी विजय निश्चित है। पुराने चल रहे अदालती मामलों या आपसी विवादों में आज राहत मिलने की पूरी संभावना है।
पौराणिक व्रत कथा
शास्त्रों के अनुसार, चंद्रमा का विवाह राजा दक्ष की 27 कन्याओं (जिन्हें हम 27 नक्षत्र कहते हैं) से हुआ था। चंद्रमा अपनी सभी पत्नियों में से 'रोहिणी' से सबसे अत्यधिक प्रेम करते थे। यह देखकर बाकी 26 बहनों ने अपने पिता राजा दक्ष से इसकी शिकायत की। क्रोधित होकर राजा दक्ष ने चंद्रमा को क्षीण (घटने का) होकर लुप्त होने का श्राप दे दिया, जिससे चंद्रमा की चमक धीरे-धीरे लुप्त होने लगी। अपने प्राणों की रक्षा के लिए चंद्र देव ने भगवान शिव की कठिन तपस्या की। भोलेनाथ उनकी भक्ति से प्रसन्न हुए और उन्होंने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण कर लिया। इसी कारण शिवजी का एक नाम चंद्रशेखर पड़ा। शिवजी के आशीर्वाद से चंद्रमा को दोबारा जीवनदान मिला और वे शुक्ल पक्ष में धीरे-धीरे बढ़ने लगे। इस कथा के अनुसार, चंद्रमा का क्षीण और पुनः पूर्ण होना शाप और वरदान दोनों का परिणाम है। यही कारण है कि अमावस्या के बाद जब प्रतिपदा को चंद्रमा के दर्शन होते हैं, तो लोग सुख, शांति और समृद्धि के लिए चंद्र देव की पूजा करते हैं और उन्हें अर्घ्य देते हैं।
अनमोल सुविचार
"मन की पवित्रता और कर्मों की ईमानदारी ही ईश्वर की सबसे बड़ी पूजा है।"
॥ आज का महामंत्र ॥
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

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