कृष्ण भजन
पल पल श्याम के पास,
राधा रहती हो,
मन की हर एक आस,
तुम कहती हो,
बंसी की मधुर तान,
नाम तुम्हारा,
हर श्वास में बसता,
प्रेम हमारा,
पल पल श्याम के पास,
राधा रहती हो,
मन की हर एक आस,
तुम कहती हो।
यमुना के तट पर जब,
चरण पड़े तेरे,
चाँद भी शर्माए,
नैन झुके मेरे,
कान्हा की मुस्कान में,
दुनिया भुलाए,
राधा के प्रेम में,
श्याम समाए,
पल पल श्याम के पास,
राधा रहती हो,
मन की हर एक आस,
तुम कहती हो।
वृन्दावन की गलियों में,
रंग बरसाए,
होली हो या रास,
प्रेम गहराए,
गोपी संग नाचे श्याम,
राधा संग जीते,
बिना राधा के कान्हा,
अधूरे से रीते,
जन्मों का ये बंधन,
टूटे ना कभी,
प्रेम भक्ति का ये दीप,
बुझे ना कभी,
राधा नाम जपे जो,
श्याम को पाए,
श्याम नाम जपे जो,
राधा मुस्काए।
पल पल श्याम के पास,
राधा रहती हो,
मन की हर एक आस,
तुम कहती हो,
बंसी की मधुर तान,
नाम तुम्हारा,
हर युग में अमर है,
प्रेम हमारा....
