माँ सरस्वती भजन
सात सुरों की देवी सरस्वती,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान,
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं,
माँ, मधुर स्वरों में करता रहूं मैं,
तेरा ही गुणगान,
सात सुरों की देवी सरस्वती॥
ना जानू सुर, ताल, छंद, लय,
ना जानू रस, राग, भाव, लय,
आ......
ना जानू सुर, ताल, छंद, लय,
ना जानू रस, राग, भाव, लय,
चरण शरण में आन पड़ा हूँ,
चरण शरण में आन पड़ा हूँ,
मैं अज्ञानी, मैं अनजान,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान,
सात सुरों की देवी सरस्वती॥
माँ! तेरी दया जिसपे हो जाए,
कागा भी कोयल सा गाए,
गंगा वेद का अर्थ सुनावे,
गंगा वेद का अर्थ सुनावे,
बगुला नाचें मोर समान,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान,
सात सुरों की देवी सरस्वती॥
ज्ञान की देवी तेरी जय जय,
तेरी ज्योत से जग ज्योर्तिमय,
जय हो माँ.... शारदे मैया,
ज्ञान की देवी तेरी जय जय,
तेरी ज्योत से जग ज्योर्तिमय,
वीणावादिनी तेरी कृपा से,
वीणावादिनी तेरी कृपा से,
बढ़ता रहे भक्त का ज्ञान,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
सात सुरों की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान॥
सात सुरों की देवी सरस्वती
सात सुरों की, सात सुरों की
सात सुरों की देवी सरस्वती माँ....
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