प्रभु भजन
जिसके सिर पर हाथ है तेरा,
वो कैसे दुख पाए।
अटल भरोसा उसको तेरा,
जग बैरी हो जाए, जग बैरी हो जाए,
जिसके सिर पर हाथ है तेरा,
वो कैसे दुख पाए॥
तेरी रजा में राजी होकर,
हर कारज वो करता।
जो तू देता, खुश होकर वो,
अपने आंचल भरता,
उठे सबेरे याद ने तेरी,
रैन भई सो जाए,
वो कैसे दुख पाए,
जिसके सिर पर हाथ है तेरा,
वो कैसे दुख पाए॥
होके शरण तुम्हारी रहता,
मन की चिंता त्यागी,
तेरी कृपा प्रसादी पा के,
मन अब हुआ वैरागी,
मोह माया के बंधन टूटे,
मोह माया के बंधन टूटे,
वंदन तेरा गाए, वंदन तेरा गाए,
वो कैसे दुख पाए,
जिसके सिर पर हाथ है तेरा,
वो कैसे दुख पाए॥
सांसों की माला पे जापे,
निर्मल नाम तिहारा,
भव सागर की लहर-लहर भी,
अब तो बनी सहारा,
शरण पड़े की रक्षा करने,
शरण पड़े की रक्षा करने,
तूने हाथ बढ़ाये, तूने हाथ बढ़ाये,
वो कैसे दुख पाए,
जिसके सिर पर हाथ है तेरा,
वो कैसे दुख पाए,
वो कैसे दुख पाए,
अटल भरोसा उसको तेरा,
जग कितना बहकाये,
जग बैरी हो जाए॥
जिसके सिर पर हाथ है तेरा,
वो कैसे दुख पाए,
वो कैसे दुख पाए,
वो कैसे दुख पाए....
