कृष्ण भजन
एक मंत्र जपते रहो,
श्याम श्याम श्याम,
श्याम श्याम श्याम,
राधे श्याम श्याम श्याम।
मन वचन ह्रदय से उसकी वंदना करो,
आंसूओ के फुलों से अर्चना करो,
दुःखहर्ता सुखकर्ता कह करो प्रणाम,
श्याम श्याम श्याम,
श्याम श्याम श्याम,
राधे श्याम श्याम श्याम।
पुत्र, पिता, बंधू मित्र स्वार्थी सभी,
कोई तेरे काम नहीं आयेंगे कभी,
बस प्रभु के चरणों के तुम बनो गुलाम,
श्याम श्याम श्याम,
राधे श्याम श्याम श्याम।
एक मंत्र जपते रहो,
श्याम श्याम श्याम,
श्याम श्याम श्याम,
राधे श्याम श्याम श्याम।
मोर, मुकुटु, बंसी, माला नैन में बसे,
भक्त जन का रखवाला नैन में बसे,
अंत समय भी अधर पे,
हो उसी का नाम,
श्याम श्याम श्याम,
राधे श्याम श्याम श्याम।
एक मंत्र जपते रहो,
श्याम श्याम श्याम,
श्याम श्याम श्याम,
राधे श्याम श्याम श्याम।
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