शिव भजन
जो ना कभी जन्मा, तो क्या होगी मृत्यु
जो ना कभी जन्मा, तो क्या होगी मृत्यु
खुद से बने हैं जो, वो है शक्ति शम्भू
तीनों लोक के है स्वामी, कैलाशपति अन्तर्यामी,
तीनों लोक के है स्वामी, कैलाशपति अन्तर्यामी,
जिसका घाट न कोई भी जान पाया,
शम्भू सभी में समाया, जिसने पूजा, उसे हाथ थमाया,
शम्भू सभी में समाया, जिसने पूजा, उसे हाथ थमाया।
शम्भू जिसकी लीला अपरम्पार है,
सबमें वो है वो सबका संसार है,
शम्भू जिसकी लीला अपरम्पार है,
सबमें वो है वो सबका संसार है,
जो भी बना है, बनाया है शम्भू ने,
जो भी मिटा है, मिटाया है शम्भू ने,
शम्भू का है जग सारा, शम्भू सभी में समाया,
जिसने पूजा, उसे हाथ थमाया, शम्भू सभी में समाया,
जिसने पूजा, उसे हाथ थमाया।
मौन में बैठा सृष्टि को जो सुन सकता,
मन चाहा जो रूप, आकार बदल सकता,
मौन में बैठा सृष्टि को जो सुन सकता,
मन चाहा जो रूप, आकार बदल सकता,
अपनी मर्जी से जिसको भी चाहे, स्वाहा कर सकता,
भक्तों की किस्मत को वो ही बनाता है,
कष्ट जो आये तो उसको मिटाता है,
भक्ति से भक्तों में आया... शम्भू सभी में समाया,
जिसने पूजा, उसे हाथ थमाया, शम्भू सभी में समाया,
जिसने पूजा, उसे हाथ थमाया।
शम्भू..... डम डम डम डम डमरू डम डम
डम डम डम डम नाचे शंकर
डम डम डम डम डमरू डम डम
डम डम डम डम नाचे शंकर
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