
राम भजन
तू ही मुझ निर्गुण का सरगुण,
अभिमान भी तू,
तू ही है धरती की महिमा,
सम्मान भी तू,
तेरे होने से ही मेरा होना है,
जन्मों से संग तेरे,
ये तेरा-मेरा रंग है, रंग है,
मंगल रंग है,
प्रेम के रंगों का संगम,
हाँ, रंग है, रंग है मंगल रंग है,
प्रेम के रंगों का संगम।
मेरी है आस तू, मैं बांसुरी हूँ, सांस तू,
मन गगन के चंद्रमा, चाँदनी तेरी,
तू सुर मेरा, मैं हूँ, रागिनी तेरी,
तू ही है जन्मों सदियों से,
तू ही है माथे का सिंदूर, सौभाग्य भी तू,
तू है इन हाथों की रेखा, मर्यादा भी तू,
तेरे होने से ही मेरा होना है,
जन्मों से संग तेरे,
ये तेरा मेरा रंग है, रंग है,
मंगल रंग है,
प्रेम के रंगों का संगम,
हाँ, रंग है, रंग है मंगल रंग है,
जानकी राम का संगम।
हमारा ऐसा संग अनूप,
एक है जैसे सूरज धूप,
हमारे आंगन का त्योहार,
तुम्हारा तुम जैसा ही रूप,
तुम ही हो इस जीवन का अर्थ,
तुम्हारे बिना स्वर्ग भी व्यर्थ,
तेरे होने से ही मेरा होना है,
जन्मों से संग तेरे,
ये तेरा मेरा रंग है, रंग है,
मंगल रंग है,
जानकी राम का संगम।
आ... आ... आ... आ...
सा नी सा पा नी, ग रे म ग रे
सा नी रे सा धा, म ग प म ग
सा नी रे सा गा, ग रे म ग प
हे राम! मेरी सिया
सा रे म प नी पा म रे
सा रे म प नी पा म रे
सा रे म नी रे पा म रे, सा रे प म गा
ये तेरा-मेरा रंग है, रंग है,
मंगल रंग है,
प्रेम के रंगों का संगम,
हाँ, रंग है, रंग है मंगल रंग है,
जानकी राम का संगम।
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