
भजन
डगर है मुश्किल कठिन सफर है,
मगर मुसाफिर जगा नहीं है।
जो सोएगा बस वही खोएगा,
जो सोएगा बस वही खोएगा,
ये बात उसको पता नहीं है।
डगर है मुश्किल कठिन सफर है,
मगर मुसाफिर जगा नहीं है॥
🎧 "डगर है मुश्किल कठिन सफर है" भजन को सीधे यहीं सुनें:
लगेंगे फल जब किसी पेड़ में,
वो पेड़ तो झुक जाएंगे स्वतः ही।
अकड़ तने की बता रही है,
अकड़ तने की बता रही है,
अभी फल इसमें लगा नहीं है।
डगर है मुश्किल कठिन सफर है,
मगर मुसाफिर जगा नहीं है॥
जो खानदानी रईस होते,
मिजाज रखते हैं नर्म अपना।
तुम्हारा लहजा बता रहा है,
तुम्हारा लहजा बता रहा है,
तुम्हारी दौलत नई-नई है।
डगर है मुश्किल कठिन सफर है,
मगर मुसाफिर जगा नहीं है॥
जरा सा कुदरत ने क्या नवाजा,
कि आ के बैठे हो पहली शफ में।
अभी से उड़ने लगे हवा में,
अभी से उड़ने लगे हवा में,
अभी ये शोहरत नई-नई है।
डगर है मुश्किल कठिन सफर है,
मगर मुसाफिर जगा नहीं है॥
डगर है मुश्किल कठिन सफर है,
मगर मुसाफिर जगा नहीं है।
जो सोएगा बस वही खोएगा,
जो सोएगा बस वही खोएगा,
ये बात उसको पता नहीं है।
डगर है मुश्किल कठिन सफर है,
मगर मुसाफिर जगा नहीं है॥
Hi Please, Do not Spam in Comments