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गंगा माता भजन
तेरे तट पर आकर भी है मैया,
कौन अभागा प्यासा,
स्नान ध्यान से मिट जाती,
घट-घट की घोर पिपासा,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया॥
जनम-जनम से प्यास लिए जो,
तेरे तट पर आए,
जनम-जनम से प्यास लिए जो,
तेरे तट पर आए,
तन मन क्या उसका तो,
अंतर मन शीतल हो जाए,
वो ना कभी लौटा निराश जो,
लेकर आया आशा,
स्नान ध्यान से मिट जाती,
घट-घट की घोर पिपासा,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया॥
तेरी आँचल भर ममता से मैया,
जनम सफल हो जाए,
तेरी आँचल भर ममता से मैया,
जनम सफल हो जाए,
नीर क्षीर की एक बूंद भी,
भव के बंध छुड़ाए,
लहर-लहर पावन रिजाय तू,
वेदों की जिज्ञासा,
स्नान ध्यान से मिट जाती,
घट-घट की घोर पिपासा,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया॥
तेरे तट पर आकर भी है मैया,
कौन अभागा प्यासा,
स्नान ध्यान से मिट जाती,
घट-घट की घोर पिपासा,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया,
ओ गंगा मैया, मेरी गंगा मैया,
ओ गंगा मैया मेरी गंगा मैया,
ओ गंगा मैया मेरी गंगा मैया॥
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