शिव विवाह
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया,
भूत प्रेत संग नंदी नाचें,
भोले ने डमरू बजाया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया॥
भभूति लगा के भोला,
नंदी पे सवार है,
पीछे-पीछे उनकी लगी,
भूतों की कतार है,
डाकिनी पिशाचिनी में,
मची हाहाकार है,
हड्डियों के ढांचे में,
मुर्दों की पुकार है,
कैसा ये स्वांग रचाया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया॥
सब देव खड़े हुए,
फूल बरसाने को,
अप्सराएं उतर आयी,
शोभा बढ़ाने को,
चाँद-तारे चाँदनी,
ले आए चमकाने को,
घटायें भी घिर आयी,
पानी बरसाने को,
कैसा ये खेल रचाया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया॥
बैल पे सवार दूल्हा,
आया है बारात में,
माथे सोहे चन्द्रमा,
त्रिशूल डमरू हाथ में,
गौरा संग माला लेकर,
सखियाँ खड़ी साथ में,
भक्त भी नाचें देखो,
भोले की बारात में,
कैसी बारात लेकर आया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया,
हो गौरा तेरा कैसा दूल्हा आया॥
