प्रभु भजन
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
किसने जानी तेरी माया,
किसने भेद तुम्हारा पाया ।
हारे ऋषि मुनि कर ध्यान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ।
तू है जल में, तू ही थल में,
तू ही मन में, तू ही वन में ।
तेरा रूप अनूप महान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ।
तू है गुल में, तू बुलबुल में,
तू हर डाल के हर पातन में ।
तू हर दिल में मूर्तिमान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ।
तूने राजा रंक बनाए,
तूने भिक्षुक राज बैठाये ।
तेरी लीला परम महान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ।
जिसने अंतर्ध्यान लगाया,
उसने तेरा दर्शन पाया ।
सब संतों ने किया बखान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
