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कृष्ण भजन
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी,
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी,
ब्रज के स्वामी, ब्रज के स्वामी,
ब्रज के स्वामी, ब्रज के स्वामी,
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी।
चलते-चलते पग मेरे हारे,
कारण कौन भुलाये।
सदा रही है आस तुम्हारी,
मारग कौन बताये,
कभी गिरा न भक्त वो तेरा,
कभी गिरा न भक्त वो तेरा,
तुमने बांह जो थामी।
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी,
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी,
ब्रज के स्वामी, ब्रज के स्वामी,
ब्रज के स्वामी, ब्रज के स्वामी,
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी।
चैन-रैन निस दिन खोवत है,
नयनन आंसू आवे,
चैन-रैन निस दिन खोवत है,
नयनन आंसू आवे,
क्षमा करो अपराध हमारा,
बालक भटक ही जावे,
‘दास’ नारायण मुख न बोले,
तुम तो अंतर्यामी।
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी,
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी,
ब्रज के स्वामी, ब्रज के स्वामी,
ब्रज के स्वामी, ब्रज के स्वामी,
तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी।
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