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प्रभु भजन
निर्गुन रंगी चादरिया रे,
कोई ओढ़े संत सुजान,
कोई ओढ़े संत सुजान रे,
कोई ओढ़े संत सुजान,
निर्गुन रंगी चादरिया रे,
कोई ओढ़े संत सुजान।
🎧 "निर्गुन रंगी चादरिया रे" प्रभु भजन को सीधे यहीं सुनें:
कोई-कोई विरला जतन सतावे,
या चुनरी पिय के मन भावे,
कोई-कोई विरला जतन सतावे,
या चुनरी पिय के मन भावे,
कितने ओढ़ भए वैरागी,
भए कई मस्तान,
निर्गुन रंगी चादरिया रे,
कोई ओढ़े संत सुजान,
निर्गुन रंगी चादरिया रे,
कोई ओढ़े संत सुजान।
नाम की तार से बुनी चदरिया,
प्रेम भक्ती से रंगी चदरिया,
नाम की तार से बुनी चदरिया,
प्रेम भक्ती से रंगी चदरिया,
सतगुरु कृपा करे तो पावै,
यहुवन मोलक दान,
निर्गुन रंगी चादरिया रे,
कोई ओढ़े संत सुजान,
निर्गुन रंगी चादरिया रे,
कोई ओढ़े संत सुजान।
पोथी पढ़ी-पढ़ी नैन गवावे,
सतगुरु नाथ शरण नही आवे,
पोथी पढ़ी-पढ़ी नैन गवावे,
सतगुरु नाथ शरण नही आवे,
हरी नारायण निर्गुुण सगुण,
सबही में पहचान,
निर्गुन रंगी चादरिया रे,
कोई ओढ़े संत सुजान,
कोई ओढ़े संत सुजान रे,
कोई ओढ़े संत सुजान।
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