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कृष्ण भजन
साथी हमारा कौन बनेगा,
तुम ना सुनोगे तो, कौन सुनेगा॥
जो तुम ना सुनोगे तो, कौन सुनेगा,
तुम ना सुनोगे तो, कौन सुनेगा॥
आ गया दर पे तेरे, सुनाई हो जाए,
ज़िंदगी से दुखों की, विदाई हो जाए।
एक नज़र कृपा की डालो, मानूँगा एहसान,
तेरा मानूँगा एहसान॥
संकट हमारा कैसे टलेगा,
तुम ना सुनोगे तो, कौन सुनेगा॥
सुना है हमने सभी से, खिवैया एक ही है,
घूम ली सारी दुनिया, कन्हैया एक ही है।
अबकी-अबकी पार लगाओ, मानूंगा एहसान,
तेरा मानूंगा एहसान,
साथ हमारे कौन चलेगा,
तुम ना सुनोगे कौन सुनेगा॥
तुम्हारे दर पे शायद, हमेशा धर्मी आते,
आज पापी आया है, कन्हैया क्यों घबराते।
हमने सुना है तेरी नज़र में, सब हैं एक समान॥
इसका पता तो आज चलेगा,
तुम ना सुनोगे कौन सुनेगा॥
वो तेरे भक्त होंगे, जिन्हें है तुमने तारा,
बता ए मुरलीवाले, कौन सा तीर मारा।
भक्त तुम्हारी भक्ति करते, लेते रहते नाम,
तेरा रटते रहते नाम॥
काम तो उनका करना पड़ेगा,
तुम ना सुनोगे कौन सुनेगा॥
साथी हमारा कौन बनेगा,
तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा।
तुम ना सुनोगे, कौन सुनेगा॥
जो तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा,
तुम ना सुनोगे, कौन सुनेगा॥
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