ओ मैया खोल दे नैना, तेरे दरबार आया हु,
तेरे बिन ना मिले चैना, तेरे दरबार आया हु।
सुना है तेरे चरणों में, सवाली रोज आते है,
मुरादे मन की कर पूरी, यहाँ से लोग जाते है,
बना ले मुझको भी अपना, तेरे दरबार आया हु।
तेरे आँचल की छाया में, मेरा जीवन गुजर जाए,
मिले जो तेरी ममता तो, कोई अब और क्या चाहे,
हां करदे पूरा ये सपना, तेरे दरबार आया हु।
ओ मैया खोल दे नैना, तेरे दरबार आया हु,
तेरे बिन ना मिले चैना, तेरे दरबार आया हु।
कभी माया के घेरे में, तेरा सुमिरन न कर पाया,
सताये मोक्ष की चिंता, कि मेरा अंत जब आया,
मेरा भी मान ले कहना, तेरे दरबार आया हु।

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