शिव भजन
महाकाल... महाकाल...
महाकाल... महाकाल...
ऐसों वैसों के द्वारे... हो...
ऐसों वैसों के द्वारे,
मांग के तू क्या पाएगा,
ताल-तलैया से पगले,
कब तक प्यास बुझाएगा,
गंगा धरती तोड़ के,
फूटेगी पाताल से,
हाथ जोड़ के मांग ले,
मांग ले महाकाल से,
हाथ जोड़ के मांग ले,
मांग ले महाकाल से,
महाकाल से, महाकाल से।
तू पुजारी बन के रहना,
भोले के दरवार का,
तू पुजारी बन के रहना,
भोले के दरवार का,
जीते जी ना छोड़ना तू,
आसरा ओमकार का,
याद रखना, याद रखना,
ये नियम संसार का,
माटी में मिल जाता है,
जो पत्ता टूटे डाल से,
हाथ जोड़ के मांग ले,
मांग ले महाकाल से,
हाथ जोड़ के मांग ले,
मांग ले महाकाल से,
महाकाल से, महाकाल से।
महाकाल... महाकाल...
महाकाल... महाकाल...
बस एक मंत्र हर-हर-हर-हर,
है जग में सबसे काम का,
कोई संकट जो आ जाए तो,
तू सुमिरन कर शिव नाम का,
एक संदेशा भिजवा दे तू,
भिजवा दे तू कैलाश को,
तेरा स्वामी वो, जो ताण्डव से,
थर्रा देगा आकाश को,
तुझे डरना क्या, घबराना क्या,
अब नक्षत्रों की चाल से,
हाथ जोड़ के मांग ले,
मांग ले महाकाल से,
हाथ जोड़ के मांग ले,
मांग ले महाकाल से,
महाकाल से, महाकाल से।
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